शादी से पहले ये जरूर जान ले ये बाते : काही उम्रभर पछताना ना पड़ जाए!

विवाह, एक ऐसा रिश्ता जो दो जिंदगियों को हमेशा के लिए जोड़ देता है। खुशियों का बंधन, प्यार का सागर, और जिम्मेदारियों का समंदर – शादी में ये सब शामिल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस खूबसूरत बंधन में बंधने से पहले कुछ बातें जानना बहुत जरूरी होता है?

शादी: एक ऐसा रिश्ता जो दो जिंदगियों को हमेशा के लिए जोड़नेवला बंधन

शादी एक रिश्ता ही नहीं बल्कि जीवन पर अंत चलने वाला बंधन है। जिसमें पति और पत्नी दोनों के ही समान अधिकार और जिम्मेदारियां होती हैं।

शादी करने के लिए कभी भी किसी भी व्यक्ति को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। और ना ही एक झटके में कभी भी शादी जैसे बंधन को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए।

इसीलिए शादी सोच समझकर, आपस में बात करने के बाद ही तय होनी चाहिए। शादी चाहे अरेंज मैरिज हो या फिर लव मैरिज हो, आपको अपने पार्टनर से हर मुद्दे पर खुलकर बात करनी चाहिए।

अरैन्ज मेरिज vs लव मेरिज

देखा जाए तो यह कहा जाता है, कि लव मैरिज में बहुत कम समस्याएं होती हैं, जबकि अरेंज मैरिज में स्थिति बदली सी दिखती है।

अरेंज मैरिज में शादी से पहले आप अपने पार्टनर से कई बातों पर डिस्कशन नहीं कर पाते हैं। शादी करने से पहले अपने पार्टनर के साथ आपको कुछ विशेष बातों पर डिस्कशन जरूर कर लेना चाहिए।

खुद को समझें

सबसे पहले, खुद को समझें। अपनी भावनाओं, इच्छाओं, और ज़रूरतों को पहचानें। क्या आप शादी के लिए तैयार हैं? क्या आप समझौता करने के लिए तैयार हैं? क्या आप जीवन भर का साथ देने के लिए तैयार हैं?

संवाद स्थापित करें

खुले और ईमानदारी से बात करें। अपनी उम्मीदों, डर, और चिंताओं को एक दूसरे के सामने रखें। पैसा, बच्चे, परिवार, और भविष्य के बारे में खुलकर बात करें।

परिवार को स्वीकारें

शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है।

इसलिए, अपने पार्टनर के परिवार को स्वीकार करने के लिए तैयार रहें।

वित्तीय योजना बनाएं

शादी के बाद खर्च बढ़ जाते हैं। इसलिए, शादी से पहले ही वित्तीय योजना बना लें। कैसे खर्च करेंगे, कैसे बचत करेंगे, और भविष्य के लिए क्या करेंगे, इस पर चर्चा करें।

जीवनशैली का मिलन

दोनों की जीवनशैली में कितना सामंजस्य है, यह जानना जरूरी है। खानपान, रहन-सहन, छुट्टियां मनाने का तरीका, और सामाजिक जीवन – इन सब बातों पर चर्चा करें।

लक्ष्य और सपनों का तालमेल

जीवन में क्या हासिल करना चाहते हैं, इस पर दोनों की सोच एक होनी चाहिए। करियर, परिवार, और भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं, इस पर खुलकर बात करें।

हर रिश्ता गलतफहमियों और झगड़ों से गुजरता है। इसलिए, माफ़ करने की क्षमता होना बहुत जरूरी है।

सम्मान और स्वीकृति

एक दूसरे का सम्मान करना और स्वीकार करना शादी की नींव है।

प्यार और विश्वास

सबसे ज़रूरी है प्यार और विश्वास। यदि आप एक दूसरे से प्यार करते हैं और एक दूसरे पर विश्वास करते हैं, तो आप किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।

पारिवारिक माहौल और रीति रिवाज

  • हर परिवार के अपने रीति रिवाज और पारिवारिक माहौल होता है।
  • आमतौर पर यह देखा जाता है कि जब लड़कियां शादी के बाद ससुराल आती हैं, तो वह आसानी से अपने पति के परिवार वालों के साथ एडजस्ट नहीं हो पाती हैं। इसका कारण यही होता है कि दोनों ही परिवारों के कल्चर अलग-अलग होते हैं।
  • शादी से पहले इन बातों पर कोई भी डिस्कशन करना जरूरी नहीं समझता है।
  • यदि आपके साथ भी यह समस्या है, और आप परिवारिक रिश्ते में बनने जा रहे हैं, तो आपको शादी से पहले ही एक दूसरे के घर की परंपराएं और रीति रिवाज के बारे में अच्छे से जान लेना चाहिए।
  • इसके अलावा दोनों परिवारों की पहले से ही धार्मिक मान्यताएं पहले से ही पता कर लेने चाहिए।

कैरियर और आर्थिक स्थिति के बारें में जानकारी ले

  • आपकी शादी अरेंज मैरिज है, तो आपको अपने करियर और घर की आर्थिक स्थिति को लेकर पहले से ही बातचीत कर लेनी चाहिए।
  • बेहतर हो कि इन बातों में आपके परिवार वाले जरूर शामिल हो शादी के बाद लड़कों की अधिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं।
  • पति को अपनी पत्नी के खर्च भी उठाने होते हैं। कई बार ससुराल वाले लड़की को यह ताना देते हैं, कि तुम्हारे फालतू खर्चों के लिए हमारे पास पैसे नहीं है।
  • अगर कुछ एक्स्ट्रा चाहिए तो अपने मायके वालों से मांग लो। इस तरह की परेशानी से बचने के लिए आप या तो अपने पैरों पर खड़ी रहे।
  • अपने करियर पर ध्यान दें और परिवार के साथ करियर को लेकर समझौता न करें। इसके अलावा यदि आपके अलग खर्चे हैं, तो घर वालों से पहले ही इस बारे में बातचीत कर लें। ताकि बाद में वह आपको लेकर किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार ना ठहराएं।

फैमिली प्लानिग

  • शादी से पहले अपने पार्टनर से आप अपने फैमिली प्लानिंग को लेकर भी अच्छे से बातचीत कर लें। सभी जानते है कि शादी के बाद अचानक से जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, और खर्च भी बढ़ जाते हैं।
  • इसीलिए आप पहले से ही यह तय कर ले, कि आपको शादी के बाद कितने बच्चे चाहिए। उनकी परवरिश और उनकी पढ़ाई लिखाई के बारे में जरूरी फैसले कैसे लिए जाएंगे।
  • इसके अलावा यदि आप एक से अधिक बच्चा करना चाहते हैं, तो दोनों बच्चों के बीच में कितना समय अंतराल हो। यह बातें भी पहले से ही तय कर लेनी चाहिए।

साथी के व्यक्तित्व के बारे में पहचान करे

  • लव मैरिज में तो हम एक दूसरे के व्यवहार को अच्छे से समझते हैं। तथा जीवन भर उसके साथ एडजस्ट करने के लिए तैयार भी हो जाते हैं। जबकि अरेंज मैरिज में हमें एक दूसरे के व्यवहार की आदत नहीं होती है।
  • कई बार ऐसा होता है कि दोनों पार्टनर शॉर्ट टेंपर होते हैं, और उनके बीच में छोटी-छोटी बातों को लेकर लड़ाई झगड़े होते हैं। जिससे रिश्तो में तनाव बढ़ने लगता है।
  • आपको चाहिए, कि शादी से पहले ही आप अपने पार्टनर के व्यक्तित्व को लेकर जितने भी मन में सवाल हैं, उसे डिस्कस कर ले।
  • क्योंकि शादी के बाद ऐसी भी कई स्थितियों आती हैं, जिसमें पार्टनर एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाते हैं। ऐसे आरोपों से बचने के लिए आप पहले ही इन बातों के बारे में अच्छे से जान ले।
  • सिर्फ प्यार और आकर्षण के आधार पर शादी का फैसला ना लें। अपने पार्टनर को गहराई से जानें। उनकी पसंद-नापसंद, उनकी सोच, उनके सपने, और उनकी ज़िंदगी के बारे में जानें।

याद रखें: शादी एक जीवन भर का फैसला है। जल्दबाजी में फैसला ना लें। खुद को और अपने पार्टनर को समझें, और फिर इस खूबसूरत बंधन में बंधने के लिए तैयार हों।

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